शुभ मुहूर्त
मुहूर्त
विवाह मुहूर्त खोजक — पारंपरिक रूप से शुभ विवाह तिथियों के लिए एक तिथि सीमा खोजता है, और हर दिन के किन घंटों से बचना चाहिए।
शुभ मुहूर्त खोजक
मुहूर्त वह समय है जो इसलिए चुना जाता है कि आप जो शुरू करने जा रहे हैं उसके लिए आकाश अनुकूल हो। अपना शहर और तिथियों की अवधि चुनें — एस्ट्रोमान वे दिन बताता है जो पारंपरिक जाँच में खरे उतरते हैं: शुभ तिथि और नक्षत्र, मुख्य समय में राहु काल नहीं, और विवाह में वर्जित दिन नहीं।
विवाह के लिए वर और वधू का जन्म-विवरण भी जोड़ सकते हैं, ताकि तिथियाँ दोनों कुंडलियों से भी जाँची जाएँ। समय आपके अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार निकाले जाते हैं।
हर तिथि के साथ कारण दिए जाते हैं कि वह क्यों शुभ है या नहीं, ताकि आप अपने पुरोहित से चर्चा कर सकें।
विवाह का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?
अपना शहर और जिन महीनों पर विचार कर रहे हैं वे चुनें। एस्ट्रोमान वे तिथियाँ बताता है जिनकी तिथि, नक्षत्र और वार उपयुक्त हैं और राहु काल से बचता है। दोनों का जन्म-विवरण जोड़कर कुंडलियों से भी जाँचें।
राहु काल क्या है?
राहु काल हर दिन लगभग 90 मिनट का समय है, जिसका स्वामी राहु है; परंपरा से इसमें नया कार्य शुरू नहीं किया जाता। इसका समय वार और आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के साथ बदलता है।
क्या पूरे भारत में मुहूर्त एक जैसे होते हैं?
नहीं। हर शहर का सूर्योदय-सूर्यास्त अलग है, इसलिए उन पर आधारित समय भी अलग होते हैं — इसीलिए एस्ट्रोमान आपका शहर पूछता है।
क्या गृह प्रवेश या व्यापार का मुहूर्त भी मिल सकता है?
हाँ। गृह प्रवेश, दुकान के उद्घाटन या वाहन ख़रीदने पर भी तिथि, नक्षत्र, वार और राहु काल की वही जाँच लागू होती है।